"15 अगस्त 1947" जबसे "भारत और पाकिस्तान" ब्रिटिश शासन से आजाद हुए तभी से दोनों पड़ोसी देशों में तनाव की स्थिति बनी रहती है और यह तनाव समय समय पर हिंसक झड़प में बदल जाती है कई बार तो यह झड़प इतनी आक्रामक और हिंसक हो चुकी है जिससे सैकड़ों लोगों की जान की हानि हुई है, इसके अतिरिक्त भी गुपचुप तरीके से पाकिस्तान के द्वारा भारत की सीमा पर आतंकी गतिविधियां देखी गई हैं। जिनका भारत से बराबरी से मुकाबला किया है।
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| 26 july kargil vijay divas |
👉भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान में 4 बार आमने सामने की हिंसक युद्ध की स्थिति हो चुकी है।
1. 1947–1948 : यह युद्ध कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ , जिसमें कश्मीर का 2/3 भाग भारत और 1/3 भाग पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।
2. 1965 : यह युद्ध भी कश्मीर को लेकर हुआ जिसमें पाकिस्तान ने सिविल ड्रेस में अपने सैनिकों को भारत में दाखिल किया लेकिन भारत ने यहां पर फिर से उन्हें खदेड़ा और अंत में tashkand समझौता हुआ।
3. 1971: यह बांग्लादेश की मुक्ति के लिए हुए था जिसमें पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच भाषा को लेकर बांग्लाभाषी आजादी की मांग थी, भारत की ओर से मुक्तिवाहिनी ने भाग लिया।
4. 1999 में कारगिल की लड़ाई, भारत की विजय हुई।
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| indian soilder after win |
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| indian soilder victory |
"कारगिल की यह लड़ाई लगभग 60 दिनों तक चलती रही।"
और "26 जुलाई 1999" में भारत ने अपने क्षेत्र से पाकिस्तानी सेना को खदेड़ कर पुनः अधिकार स्थापित किया।
इसीलिए "26 जुलाई" को प्रत्येक वर्ष कारगिल में शहीद हुए सैनिकों की याद में कारगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विस्तार: यह युद्ध "मई 1999" में शुरू हुआ, जब पाकिस्तानी सेना बॉर्डर पार करके घुसपैठ कर चुकी थी , लगभग 2 महीने के युद्ध के बाद "26 जुलाई 1999" को यह युद्ध समाप्त हुआ और भारत ने अपनी नियंत्रण रेखा सुरक्षित की।
"1999 में जब युद्ध की शुरुआत हुई उस समय भारत के तात्कालिक प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई जी और राष्ट्रपति श्री k R Narayan जी थे, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और राष्ट्रपति रफीक तराड़ थे।"
और भारत की तरफ से रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीज थे।और पाकिस्तान के सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ थे,जो बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में भी कार्य किए हैं।
60 दिनों तक चलने वाले इस युद्ध में भारतीय सेना के लगभग 527 जवान शहीद हुए जबकि 1300 से अधिक सैनिक घायल हुए।
केंद्र सरकार ने शहीदों के परिवार को 5–5 लाख रु का मुआवजा की घोषणा की।
इस युद्ध के बाद , भारत ने अपनी नियंत्रण रेखा की मजबूती और सीमा की सुरक्षा लिए कई कदम उठाए, सबसे पहले कारगिल युद्ध की समीक्षा के लिए एक कारगिल कमेटी का गठन किया गया जिसका मुख्य कार्य सीमा सुरक्षा में आई कमी को पता करना और इस कमी और लापरवाही का पता लगाना था।
तात्कालिक जम्मू कश्मीर का शासन:
1999 में जब कारगिल युद्ध हुआ तब जम्मू कश्मीर के मुख्य मंत्री श्री फारूक अब्दुला जी थे जो मुख्यमंत्री श्री शेख मुहम्मद अब्दुल्ला की मृत्यु के बाद उनकी जगह पर उनके नेतृत्व वाली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में थे।जो 1996 से 2002 तक मुख्यमंत्री थे।
तथा श्री गिरीश चंद्र सक्सैना जो 1998 से 2003 तो जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे।
AUTHOR: कभी भी कोई भी युद्ध एक तरफा नहीं होता इसमें नुकसान दोनों ही पक्षों का होता है भले ही कोई पक्ष कितना ही शासक्त और ताकतवर क्यों न हो, यही सदियों से होता चला आ रहा है, आर्थिक हानि कम या अधिक हो सकती है परन्तु युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों और उस क्षेत्र में रहने वाले रहवासियों के लिए यह एक भयानक आपदा होती है, युद्ध के समय सैनिक जोश और अभिप्रेरणा में युद्ध लड़ तो लेते है मगर इसकी कीमत उनके घर वालों को तय करना होती है, जीतने वाले जीत जाते है और हारने वाले निराश हो जाते है जीतने वाले पर खुशी होती है aur वह अपने जनहानि को उस समय तक भूल जाता है जबकि हारने wale ke pass जनहानि ke अतिरिक्त हारने दुख भी होता है।
जहां इस युद्ध में भारत विजयी हुआ और पाकिस्तान की हार हुई फिर भी इनमें शहीद या फिर कहने को मारे जाने वाले 500+ भारतीय सैनिक फिर 700 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक जिन्हें उनके परिवार वाले हमेशा के लिए भूल चुके है और खो चुके है।
या फिर घायल होने वाले जिनमें किसी का हाथ तो किसी का पैर न हो ऐसे दोनों तरफ के मिलाकर लगभग 3000+ सैनिक, मात्र भूमि के लिए स्वयं को समाप्त कर दिए।
और यही समाप्त कर लेने की भावना है देशभक्ति।
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| indian poitical map |
"कैप्टेन विक्रम बत्रा और कप्तान मनोज पांडे और ऐसे ही कितने मांओं के बेटो ने इस देश को बचाने के लिए इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी।'
इन शहीदों की इसी आहुति के नाम और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हम 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाते है।
जय हिंद जय हिंद
जय भारत जय भारत
जय जवान जय जवान
जय किसान // जय किसान //
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