Skip to main content

कुछ खास-2

हम सब जानते है कि, कोई भी घटना उसी समय का परिणाम न होकर निरंतर चलती आ रही सभी छोटी-बड़ी घटनाओं का परिणाम होता है.. चाहे फिर वह कोई भी घटना क्यों न हो... उसी में होती है एक समस्या महिलाओं और लड़कियों पर होने वाली 
क्रूरता..


      आम तौर पर देखा गया है महिलाओं को उनके बचपन से ही दबाने, उन्हें नीचा दिखाने की कोसिस की जाती है इसके विपरीत पुरुषों का वर्चस्व स्थापित करने की कोसिस की जाती है, इससे मात्र बच्चियों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़ कर उन पुरुषों पर भी नकारात्मक प्रभाव, और नकारात्मक मानसिकता का विकास होता है जिनके सम्मुख या जिनके द्वारा या फिर जिनकी तुलना में महिलाओं,/लड़कियों/बच्चियों कमतर समझा जाता है..


    
         ये कहानी या बात जो भी है उन्ही में से एक लड़के की है जो अपनी बचपन की मानसिकता के चलते स्वयं को महिलाओं से शीर्ष पर समझता है..
       ये लड़का कुछ समय पहले मिला था और मेरा ही सहपाठी था. हम जिस संस्था में थे वहाँ पर वह मुझसे पहले पहुच चुका था जिसके चलते उसे वहा की ज्यादा खबर थी, मैं तो अभी नया नया ही गया था और मेरा उस संस्था में जाना मेरी एक फ्रंड के द्वारा सम्भव हुआ जो कि हमारे साथ ही थी.. और मेरी अच्ची फ्रंड थी...वैसे तो ये लड़का कम ही पढ़ने आता था लेकिन जब भी आता तो उसमें अलग ही घमंड रहता (बोले तो घमंड में नहाया हुआ और ऐसा नहाया की पसीना भी आए यो घमंड का हो),

अमूमन जब कि क्लास में किसी सवाल का जवाब यदि कोई लड़की देती तो उस लड़के का जवाब बिना किसी तर्क के लड़की की बात को काटना होता और अंत मे बोलता तुम लडक़ी हो मुझे मत सिखाओ,

ये बात ऐसे ही बढ़ती गई ,हमेेशा use किसी न किसी बात पर लड़कियों सेे दिक्कत रहती..कुुुुछ न 
कुछ कहना उसकी आदत हो गई थी, जैसे
                         चुनु-चुनु हमका न बताई, एक थापड़ में दिखाई न देगा,
                         जाने है कैसी हो, हमसे न बिधो नही तो जान जाओगी और ऐसी ही बहुत सी बातें  ,

   जो साधारण बात में कोई किसी से न कहता,

     फिर एक दिन अचानक वो मुझसे बोल पड़ा, क्यों कि उस वक़्त तक मैं क्लास में सभी को जानने लगा था और दोस्तों में मेरी पहचान उससे कई ज्यादा हो गई थी, खैर मैं कुछ नही बोला,..... तभी एक दिन किसी बात को लेकर क्लास में बहस चल रही जिसमे लड़कियों ने अच्छा प्रदर्शन किया क्लास के एक भाग के खत्म होने पर हम कुछ लड़के घूमने के लिए बाहर गए तब वहाँ उसका कहना था!

    हम सोची की को बात करे बिटियन से नही त हमसे कौनो न जीते पाई..खैर कोई कुछ नही बोला लेकिन वह इसे अपना सम्बोधन समझ कर और बोलने लगा और बोलते बोलते मेरी 4-5फ्रंड के बारे में बोलने लगा..कि उन बिटियन का तो मारे का पड़ी जौँन तुमरिन से बात करती हीं।
अपनी मानसिकता के चलते वह अपनी हार(क्लास की बहस में हार)को मान नही रहा था और अनर्गल बातें करके, उल्टे सीधे तर्क देकर स्वयं को श्रेष्ठ बताने का प्रयास कर रहा था, लेकिन जब बात दोस्तों की आ जाती है तो बोलना जरूरी हो जाता है तब मैंने भी बोलना शुरू कर दिया
 ।ये क्या लगा रखा है. मार दूँगा ,मार दूँगा

बहुत बात करती है.. मुह बन्द करवा दूँगा😡..

चलो मैं उसे बुला कर लाता हु.. जो कुछ करना है कर के दिखाना.. डरना मत ...वो तुम्हे कुछ नही बोलेगी.. और न ही मारेगी.. और न ही शिकायत करेगी.. मैं गारंटी लेता हूं..

और अगर न मार पाए न तो सुन लो..
मारने के लिए हिम्मत,
और मजाक करने के लिए नियत चाहिए..
और तुम्हारे पास दोनों नही।।
#अफसोस
#बुद्धिजीव

         बस मेरा इतना कहना था कि अंदर से हमारे टीचर की आवाज आ गई क्लास लग चुकी है और हम सब अंदर चले, कुछ दिनों तक तो वह शांत रहा लेकिन बचपन की आदत जाती कहा है.. फिर शुरू हो गई..
 

       इस बात/कहानी को बताने का मतलब सिर्फ इतना ही है कि मानसिकता है बदलना पड़ेगी, कई बार समाज या धर्म का नाम देकर महिलाओं को दबा दिया जाता है चलो माना कि परंपरा है कोई बात नही लेकिन उस स्थान पर जहां अपनी हार को छिपाने के लिए महिलाओं को दबाया जाए, ये तो सही नही, और ये सिर्फ बचपन की मानसिकता पर निर्भर करता है..
ऐसे ही बहुत से उदाहरण और घटनाएं प्रतिदिन हमारे सामने घटित होती है और हम उन्हें नज़रंदाज़ कर देते हैं...


✍इमरान
Wait for next...https://chandlatosatna.blogspot.com/2020/02/1.html
महिलाओं पर होने वाली घटनाओं में से एक ☝☝☝☝

Comments

Popular posts from this blog

G20 Summit 2025: India’s Role and Global Impact

  G20 Summit 2025: India’s Role and Global Impact 🌍 Introduction  G20 Summit 2025 दुनिया का सबसे powerful economic nations का एक  mega forum है , jisme 85% global GDP aur 75% international trade involve होता है . India ke liye ye sirf ek diplomatic event nahi hai, balki ek मौका है global leadership ko showcase karne ka. पिछले कुछ सालों में भारत ने जिस तरह दुनिया में अपनी economic और diplomatic शक्ति  दिखाई है,  उसी का next logical step है G20 Summit 2025. G20 summit  🙋What is G20 Summit? G20 एक   intergovernmental forum  है । जिसमे 19 countries + European Union शामिल है. इसका मुख्य उद्देश्य है ,  Global economic stability maintain karna. Financial policies coordinate karna. Trade aur sustainable development ke मुद्दों par solutions ढूँढना. यह समिट हर साल एक अलग सदस्य देश होस्ट करता है और 2025 मे यह पूरे विश्व के नज़रों का केंद्र बना हुआ है। 🙏India’s Role in G20 Summit 2025 India ने पिछले कुछ सालों मे अपनी मजबूत econom...

AI and the future of education : Disruptions, Dilemmas & Direction

🖳AI और शिक्षा का भविष्य: Disruptions, Dilemmas & Direction ✨ ⭐introduction🤖📚 आज शिक्षा (Education) सिर्फ किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल दुनिया ने इसे नई उड़ान दी है। खासकर Artificial Intelligence (AI) ने शिक्षा के हर पहलू को बदलना शुरू कर दिया है – चाहे वो क्लासरूम हो, टीचर का रोल हो, या स्टूडेंट की पढ़ाई का तरीका। आने वाले समय में शिक्षा का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम AI को कितनी समझदारी से इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसके साथ कई दुविधाएँ (dilemmas) और सवाल भी जुड़े हैं – क्या AI टीचर्स की जगह ले लेगा? क्या बच्चों की सोचने–समझने की क्षमता घट जाएगी? और क्या हर बच्चे को इसका फायदा बराबर मिल पाएगा? 🤔 यानी AI शिक्षा के लिए तीन अहम पहलू सामने लाता है: Disruptions (बदलाव/क्रांति): शिक्षा का पुराना ढाँचा हिलाकर नए मॉडल की शुरुआत। 🔄 Dilemmas (दुविधाएँ): नैतिक, सामाजिक और प्रैक्टिकल उलझनें। ⚖️ Direction (दिशा): आगे का रास्ता जो सही संतुलन दिखाए। 🛤️ 🔰 शिक्षा में AI का बढ़ता असर 🚀 अगर हम आज की पढ़ाई–लिखाई पर नज़र डालें तो पाएँगे कि AI धीरे...

वो नीची जाति का है

 फिर वही एक पुरानी सोच के साथ एक और कहानी है.. पता नही ये किसके ऊपर है.. परम्परा सोच नादानी या फिर घमंड     खैर कुछ भी हो..मुझे नही पता ये आपको पता लगाना हैै.. कहानी को समझने के लिए पहले उसके किरदार को समझना जरूरी है.. सीता मैम: संस्कृत टीचर, (daughter-in-law ,ownre of our primary school), छोटेलाल: एक दुबला-पतला सा लड़का (हरिजन/दलित समुदाय में से ) संदीप,दीपक, शुभम, वीरू, आदि (क्लासमेट ) बात यही कोई 9-10 साल पुरानी है, जब मै शायद 6-7कक्षा में पढ़ता था. ..उस समय हमारी क्लास में एक छात्र छोटेलाल आया, जो किएक हरिजन समुदाय से था,अब ये समुदाय का मतलब क्या होता है उस समय तक हमे नही मालूम था, हम सब तो आपस में दोस्त थे.. और ज्यादा से ज्यादा हिन्दू-मुशलिम दो ही प्रकार के साथी थे.. इसके अलावा और कोई था नही.. तो जब छोटेलाल आया, पहले तो वो सरकारी स्कूल या आंगनवाड़ी में पढ़ता था तो पढ़ाई में कमजोर होना एक आम बात थी लेकिन जब वह पड़ता नही था तो हमारी  मैम(सीता) पढ़ने आए हो तो पढ़ो, तुम्हे तो यहाँ पर एडमिशन मिल गया है, वरना मिलना नही चाहिए था..  का ताना देेती, और ...

International Literacy Day 2025: साक्षरता और Digital Learning

🌍 International Literacy Day 2025 ✍️ परिचय – साक्षरता का अर्थ साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना जानना नहीं है 📖, बल्कि व्यक्ति मे सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।जब कोई व्यक्ति शिक्षित होता है तो वह समाज में बराबरी से खड़ा होता है और देश की प्रगति में योगदान देता है। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए हर साल 8 सितंबर को International Literacy Day मनाया जाता है। LITERACY DAY  शिक्षा हर इंसान का बुनियादी अधिकार है। UNESCO द्वारा 1967 से यह दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य निरक्षरता मिटाना और समाज में जागरूकता फैलाना है। 🎯 International Literacy Day क्यों मनाया जाता है? इस दिन को मनाने का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षा गरीबी हटाने, समानता लाने और बेहतर भविष्य बनाने का सबसे बड़ा हथियार है। निरक्षरता के खिलाफ जागरूकता फैलाना। समाज के हर वर्ग तक शिक्षा पहुँचाना। महिलाओं और बच्चों की शिक्षा पर विशेष लक्ष्य । 📜 अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का इतिहास 1966 में UNESCO ने घोषणा की कि हर साल 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया ज...

किस्मत : QISMAT

यह एक प्रकार का खेल है जिसे कुछ शर्तों में आप समझ सकते है। https://chandlatosatna.blogspot.com/p/policy.html A thought around you and luck..                           मेरी दहलीज के बाहर  किस्मत खड़ी है,                          और मैं दरवाजा बंद कर उसके लौटने का इंतज़ार कर रहा हूं...                            शायद मुझे किस्मत में भरोसा नही। Lines को पढ़ने के बाद आपके दिमाक में जो भी पहला thought आता है ,उसे कॉमेंट करें। ( आप  हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में  https://chat.whatsapp.com/FSqFAUBpHVL0woeIE7uEt6  भी रिप्लाई कर सकते  है)